अम्बेडकर नगर के टांडा थाना क्षेत्र में 13 वर्ष पहले हुई गैरइरादतन हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम डॉ. जया पाठक ने दोषी महिला मंजू देवी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला क्या था?
यह घटना 13 अगस्त 2009 की शाम की है। कोड़रा गांव निवासी जितेन्द्र प्रसाद मच्छरदानी मांगने के लिए मंजू देवी के घर गए थे। पुरानी रंजिश के चलते, मंजू देवी ने फावड़े के ठेका से जितेन्द्र प्रसाद के सिर पर वार कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
आरोप है कि जितेन्द्र प्रसाद उस समय शराब के नशे में थे और मंजू देवी के घर पहुंचे थे। सिर पर गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। विवेचना पूरी होने के बाद, पुलिस ने मंजू देवी के विरुद्ध गैरइरादतन हत्या (IPC की धारा 304) के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
अदालत का फैसला
लंबी सुनवाई के बाद, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम डॉ. जया पाठक ने मंजू देवी को दोषी मानते हुए 10 साल का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
FAQs
1. यह घटना कब की है?
👉 यह घटना 13 अगस्त 2009 की शाम की है।
2. महिला को कितनी सजा मिली?
👉 अदालत ने मंजू देवी को 10 साल का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
3. घटना कैसे हुई थी?
👉 मच्छरदानी मांगने को लेकर पुरानी रंजिश में मंजू देवी ने फावड़े के ठेका से वार किया, जिससे जितेन्द्र प्रसाद की मौके पर मौत हो गई।
4. मुकदमा किस धारा में चला?
👉 मामला IPC की धारा 304 (गैरइरादतन हत्या) में चला।