अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 8-10 दिन का इंतजार, मरीजों की परेशानी बढ़ी। स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही और जिम्मेदारों की निष्क्रियता। Sachtak.in पर पढ़ें।
जिला अस्पताल बना मरीजों की परेशानी का केंद्र
अंबेडकरनगर जिला अस्पताल इन दिनों मरीजों की परेशानी का दूसरा नाम बन गया है। यहां अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को 8-10 दिन बाद की तारीख दी जा रही है। छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भी समय पर जांच नहीं मिल रही, जिससे उनकी हालत और बिगड़ रही है।
महंगे प्राइवेट सेंटरों पर निर्भरता
इस लापरवाही के कारण हजारों मरीज प्राइवेट सेंटरों पर महंगे दाम चुकाने को मजबूर हैं। गरीब मरीजों के लिए यह बोझ और भारी पड़ रहा है, क्योंकि सरकारी अस्पताल में मुफ्त सुविधा होने के बावजूद उन्हें निजी संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है।
सुविधाएं मौजूद, फिर भी देरी
आश्चर्यजनक रूप से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन और तकनीकी स्टाफ मौजूद है, फिर भी जांच में 10 दिन का इंतजार क्यों? ऐसा लगता है कि प्रबंधन और स्टाफ की लापरवाही इसके पीछे बड़ी वजह है। नवागत प्रभारी सीएमएस भी इस मामले में बेफिक्र नजर आ रहे हैं, जिससे मरीजों की परेशानी और बढ़ रही है।
मरीजों की बढ़ती लाइनें, जिम्मेदारों की अनदेखी
हर दिन मरीजों की लंबी कतारें बढ़ रही हैं, लेकिन किसी को इससे फर्क नहीं पड़ रहा। स्वास्थ्य महकमे के आला अफसरों की आंखें भी इस गंभीर समस्या पर बंद प्रतीत होती हैं। गरीब जनता का इलाज अब भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है, जो चिंता का विषय है।
सवाल जिम्मेदारों पर
आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? क्या जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा? जब सरकारी अस्पताल में सुविधाएं समय पर नहीं मिलेंगी, तो मरीज आखिर जाएं कहां? यह सवाल हर पीड़ित मरीज के मन में उठ रहा है।
सरकार के दावों और हकीकत में अंतर
सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावे करे, लेकिन अंबेडकरनगर जिला अस्पताल की हकीकत जिम्मेदारों की नींद तोड़ने के लिए काफी है। मरीजों की परेशानी और लापरवाही की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन कोई जवाबदेही तय नहीं हो रही।
Sachtak.in की अपील
Sachtak.in जनता की समस्याओं को उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे से मांग करते हैं कि अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। प्रभारी सीएमएस को जवाबदेह ठहराया जाए और मरीजों को समय पर सुविधाएं मिलें, ताकि गरीबों को राहत मिल सके।
निष्कर्ष
अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की देरी और लापरवाही मरीजों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। जिम्मेदारों की निष्क्रियता और स्वास्थ्य महकमे की अनदेखी ने गरीब जनता को परेशानी में डाला है। क्या अब भी कोई जवाबदेही तय होगी, यह देखने वाली बात होगी। Sachtak.in पर बने रहें और इस मुद्दे पर ताजा अपडेट्स पाएं।
लेखक: अमित सिंह पत्रकार आजखबर