झांसी में कावड़ यात्रा के दौरान साध्वी उमा भारती का बड़ा बयान
बुंदेलखंड कावड़ यात्रा के अवसर पर झांसी पहुंची मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कैबिनेट मंत्री साध्वी उमा भारती ने भ्रष्टाचार पर तीखा बयान दिया।
उन्होंने मंच से कहा कि देश और प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और शासन चाहिए। उमा भारती ने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजनीति में शिष्टाचार कायम रखा है।
“योगी-मोदी ने राजनीति में शिष्टाचार कायम रखा, लेकिन...”
उमा भारती ने कहा,
“मैंने हमेशा मोदी जी और योगी जी से कहा है कि आपने राजनीति में अच्छा शिष्टाचार किया। केंद्र की मंत्रिपरिषद में एक भी मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। राज्य मंत्रिपरिषद, विधायक और सांसद भी शिष्टाचार निभा रहे हैं।”
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की गारंटी योगी और मोदी भी नहीं ले सकते।
भ्रष्टाचार मिटाने के लिए नीचे से ऊपर तक सुधार की जरूरत – उमा भारती
अपने भाषण में उमा भारती ने कहा,
“भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए बदलाव नीचे से ऊपर तक होना जरूरी है। ऐसा बदलाव चाहिए जो धरती फाड़े और हिमालय तक पहुंचे।”
उन्होंने साफ कहा कि प्रशासनिक तंत्र में सुधार तभी होगा जब नीचे के स्तर से लेकर शीर्ष तक पारदर्शिता लाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
बयान से गरमाई राजनीतिक बहस
साध्वी उमा भारती के इस बयान से साफ है कि भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही हो, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था में अभी भी खामियां मौजूद हैं।
उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उमा भारती का राजनीतिक करियर और विवादित बयान
साध्वी उमा भारती भारतीय राजनीति की एक सशक्त और बेबाक नेता मानी जाती हैं। वे मध्य प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री रही हैं और हिंदुत्व की राजनीति में उनका बड़ा प्रभाव है।
वे समय-समय पर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रही हैं। चाहे राम मंदिर आंदोलन की बात हो या गंगा संरक्षण अभियान, उमा भारती हमेशा अपनी स्पष्टवादिता के लिए जानी जाती हैं।
उनका यह बयान भी इस बात का संकेत है कि वे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सच बोलने में हिचकती नहीं हैं।
भ्रष्टाचार पर मौजूदा हालात
भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं। डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं ने कुछ हद तक पारदर्शिता लाई है।
फिर भी अधिकारियों और पुलिस विभाग में रिश्वतखोरी, घूसखोरी और पक्षपात के मामले लगातार सामने आते रहते हैं।
उमा भारती का बयान इस बात की पुष्टि करता है कि नीचे के स्तर पर अभी भी बड़े सुधार की जरूरत है।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमा भारती का यह बयान कहीं न कहीं सरकार के लिए चेतावनी भी है कि जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाना जरूरी है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
झांसी में मौजूद कई लोगों ने उमा भारती के बयान का समर्थन किया। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार आम जनता की सबसे बड़ी समस्या है और अगर सरकार इसे खत्म कर देती है तो आम लोगों को बहुत राहत मिलेगी।
📌 मुख्य बातें एक नजर में
✅ झांसी में कावड़ यात्रा के दौरान उमा भारती का बड़ा बयान
✅ अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की गारंटी योगी-मोदी नहीं ले सकते
✅ भ्रष्टाचार मिटाने के लिए नीचे से ऊपर तक बदलाव की जरूरत
✅ राजनीति में मोदी-योगी के शिष्टाचार की तारीफ
📌 FAQs
1. साध्वी उमा भारती ने झांसी में क्या कहा?
👉 उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन चाहिए, लेकिन अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की गारंटी योगी-मोदी भी नहीं ले सकते।
2. क्या उमा भारती ने मोदी और योगी की तारीफ की?
👉 हां, उन्होंने कहा कि मोदी और योगी ने राजनीति में शिष्टाचार बनाए रखा है और केंद्र व राज्य मंत्रिपरिषद में भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे।
3. यह बयान कहां दिया गया?
👉 यह बयान उन्होंने बुंदेलखंड कावड़ यात्रा के दौरान झांसी में मंच से दिया।
4. क्या इस बयान का असर राजनीतिक माहौल पर पड़ेगा?
👉 हां, उमा भारती के बयान से राजनीतिक बहस तेज हो गई है क्योंकि यह प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर सवाल खड़ा करता है।
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